
श्री दिनेश कुमार वैष्णव, व. सहायक
CBEO अराई जिला अजमेर
GPF Scheme for Retired Employee
रोजाना एक प्रश्न- क्रमांक 388
सेवानिवृत्त कार्मिकों के सामान्य प्रावधायी निधि में शामिल होने सम्बन्धी जानकारी
सेवानिवृत्त कार्मिकों के सामान्य प्रावधायी निधि में शामिल होने सम्बन्धी जानकारी
राजस्थान राज्य कर्मचारी सामान्य प्रावधायी निधि नियम ,1997 के नियम 4 के अंतर्गत सेवानिवृति के पश्चात GPF खाता खुला सकते हैं। सेवानिवृत्त होने के एक वर्ष के भीतर प्राप्त सेवानिवृति परिलाभों जैसे GPF अंतिम भुगतान राशि, राज्य बीमा राशि, सेवानिवृति PL परिलाभ, कम्युटेशन राशि व ग्रेच्युटी राशि जमा की जाती है। इस खाते में प्रचलित दर पर ब्याज मिलता है। अभी ब्याज की वर्तमान दर 7.1% है। इसमे एक विशेष बात यह है कि इसमे जमा राशि के भुगतान पर कोई लॉक-इन पीरियड नही है। (परिपत्र2/2010-11 दिनांक 21-4-2010 एवं नोटिफिकेशन दिनांक 11-10-2017)
- सेवानिवृति बाद प्रत्येक अंशदाता जो प्रावधायी निधि योजना का सदस्य रहा हो, वह खाता खुलवा सकता है।
- (1) राज्य कर्मचारी (2) जिला परिषद कर्मचारी (3) पंचायत समिति कर्मचारी (4) अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी
- (5) राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश (नोटिफिकेशन दिनांक 28-6-2012)
- खाता कब तक जारी रख सकते हैं > अंशदाता, जो सेवानिवृत्त हो चुका है, अपने खाते में सेवानिवृति परिलाभ जमा कराते हुए भी प्रचलित ब्याज दर से आधा प्रतिशत अधिक ब्याज दर पर खाते को किसी भी अवधि तक चालू रख सकता है। (नोटिफिकेशन दिनांक 30-3-1999)
सेवानिवृत्त होने के पश्चात GPF खाता पुनः कैसे खुलवाए ?
- (A) सेवानिवृत्त होने वाला कार्मिक सामान्य प्रावधायी निधि में सम्मिलित होने के लिए उप/सहायक निदेशक, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग जिला स्तर को लिखित में एक प्रार्थना पत्र देगा। इस पत्र में कार्मिक अपनी सेवानिवृत्त तिथि व सेवानिवृति पश्चात प्राप्त परिलाभों का ब्यौरा देगा। साथ ही इस पत्र में नॉमिनेशन की जानकारी देगा। अंत मे हस्ताक्षर, पूरा पता व मोबाईल नम्बर अंकित करेगा। इस पत्र पर एक राजपत्रित अधिकारी के हस्ताक्षर आवश्यक है।
- (B) सेवानिवृति पश्चात GPF खाते में सेवानिवृति परिलाभ जमा कराते वक्त एक शपथ पत्र देना पड़ता है जिसकी भाषा निम्नांकित है। मैं——पुत्र/पुत्री——-पद——-कार्यालय /विभाग——-सेवानिवृति दिनांक——-शपथपूर्वक घोषणा करता/करती हूं कि :
- 1) यह कि मेरा GPF खाता संख्या ———-है।
- 2) यह कि मैं सेवानिवृति उपरांत अपने प्रावधायी निधि खाते को सेवानिवृति परिलाभों सहित चालू रखने का विकल्प स्वीकार करता हूँ/करती हूं।
- 3) मैं यह भी घोषणा करता हूँ/करती हूं कि मेरे जीपीएफ़ खाते में जमा कराई गई सेवानिवृति परिलाभों की कुल राशि ———–है। जिनकी आदेशो की प्रतियां संलग्न कर दी गई है। निम्नांकित कॉलम बनाकर सूचना भरे।
- क्रम संख्या भुगतान का प्रकार आदेश संख्या दिनांक
जीपीएफ स्वत्व राशि
ग्रेच्युटी राशि
रूपांतरण राशि
बीमा स्वत्व राशि
अवकाश नकदीकरण राशि
- 4) मेरे द्वारा पूर्व में उपरोक्त राशि का कहीं अन्यत्र निवेश नही किया गया है एवं वास्तव में यह राशि सेवानिवृति परिलाभों की ही है, जिसके प्रमाण स्वरूप सम्बन्धित विभाग द्वारा जारी स्वीकृति/ भुगतान आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपियाँ उपरोक्तानुसार संलग्न कर दी गई है।
- 5) यह कि सेवानिवृति पश्चात इस राशि के आहरण के सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा लागू नियम/भविष्य में किये जाने वाले संशोधन मुझे मान्य होंगे।
- 6) यह कि इस योजना में जमा राशि /देय ब्याज पर यदि आयकर का (TDS सहित) कोई उत्तरदायित्व बनता है या भविष्य में बनेगा तो मैं इसको वहन करने के लिए स्वयं उत्तरदायी रहूँगा/रहूंगी एवं उपरोक्त जमा राशि अथवा ब्याज राशि पर TDS देय होने के कारण राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग को कोई TDS अथवा TDS पर ब्याज अथवा पेनल्टी आयकर विभाग को देनी पड़ती है तो राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग ऐसी राशि जो मुझसे सम्बन्धित है, मुझसे वसूल कर सकता है।
अंत मे हस्ताक्षर अंशदाता, स्थायी पता, फोन नम्बर व दिनांक अंकित की जानी है।
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