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स्वाधीनता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

जयपुर, 15 अगस्त 2018. मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में अपने भाषण के दौरान अन्नपूर्णा दुग्ध योजना के तहत सितम्बर से सप्ताह में तीन दिन के स्थान पर प्रतिदिन दूध पिलाने, समय पर किश्त चुकाने वाले पूरे प्रदेश के किसानों को 31 मार्च, 2019 तक भूमि विकास बैंक से संबंधित दीर्घकालीन कृषि ऋण 5.50% की रियायती दर पर उपलब्ध कराने एवं सभी सरकारी प्ज्प् में महिलाओं को निःशुल्क प्रवेश सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। स्वाधीनता दिवस के मौके पर श्रीमती राजे द्वारा की गई घोषणाएं इस प्रकार हैंः-

  • अन्नपूर्णा दुग्ध योजना में सरकारी स्कूलों के कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों को सप्ताह में तीन दिन के स्थान पर अब सितम्बर माह से मिड-डे-मील के साथ-साथ प्रतिदिन दूध पिलायेंगे। इसके लिए 203 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
  • आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा किशोरी बालिकाओं को पूरक पोषाहार के साथ-साथ सप्ताह में तीन दिन दूध पिलाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 100 करोड़ रुपए दिये जाएंगे।
  • सितम्बर माह को ’’पोषण माह’’ के रूप में मनाया जाएगा। इसके तहत राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर, पोषण एवं स्वास्थ्य के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा की जाएगी।
  • 775 करोड़ रुपए की लागत से 94 नये विद्यालय भवन और 2400 विद्यालयों में 7,080 अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण किया जाएगा।
  • स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूलों में अब 5वीं कक्षा तक की पढ़ाई भी शुरू की जाएगी। अब तक इन विद्यालयों में कक्षा 6 से 12वीं तक की ही पढ़ाई होती थी। इन विद्यालयों में 101 करोड़ रुपए की राशि से प्राथमिक स्तर के लिए भवन निर्माण कराये जाएंगे।
  • रेगिस्तानी, सहरिया एवं जनजाति क्षेत्र में स्थित 20 स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूलों में 40 करोड़ रुपए की लागत से 100 छात्रों की क्षमता वाले आवासीय बालिका छात्रावासों का निर्माण कराया जाएगा।
  • राज्य में संचालित कक्षा 6 से 8 तक के 26 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को सीनियर सैकण्डरी स्कूल तक क्रमोन्नत किया जाएगा।
  • 11 कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालयों की आवासीय क्षमता 50 से बढ़ाकर 100 की जायेगी।
  • 40 करोड़ रुपए की लागत से पूर्व प्राथमिक शिक्षा से जुड़े 37,711 आंगनबाडी केन्द्रों का विकास एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
  • रोजगार परक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 185 नये माध्यमिक-उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ की जाएगी। उल्लेखनीय है कि 700 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा पहले से ही दी जा रही है और इसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं।
  • प्राथमिक से लेकर सीनियर सैकण्डरी तक स्कूलों की अनुदान राशि 12,500 से एक लाख रूपये तक बढ़ाई जाएगी। इसके लिए कुल 251 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
  • सभी राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालय खोले जाएंगे। इस पर 62 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग छात्र-छात्राओं को मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 3500 रूपये प्रति विद्यार्थी की जाएगी।
  • वर्तमान में 1 अप्रेल, 1971 के बाद शहीद हुए सैनिकों के आश्रित को सरकारी नौकरी दिए जाने का प्रावधान है। अब 15 अगस्त, 1947 से 31 दिसम्बर, 1970 तक शहीद हुए सैनिकों के एक-एक ऐसे आश्रित को इस संबंध में विशेष नियम के तहत सरकारी नौकरी दी जाएगी।
  • Induction furnaces, Mild Steel Re-rolling Mills तथा Mild Steel Rolling Mills के लिए Electricity Duty दर 52 पैसे प्रति यूनिट से घटाकर अन्य औद्योगिक श्रेणी की इकाईयों के समान 40 पैसे प्रति यूनिट की जाएगी।
  • जिला रोजगार अधिकारी को जिला कौशल एवं व्यावसायिक अधिकारी (District Skill & Vocational Training Officer) बनाया जाएगा।
  • प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक लाख से अधिक Train Vehicle Unit की 26 रेल्वे फाटकों पर रेल्वे की सहभागिता से 1188 करोड़ रुपए की लागत से ROB का निर्माण कराया जाएगा।
  • प्रदेश के 7 जिलों में 75 करोड़ रुपए की लागत से 345 RUB का निर्माण भी कराया जाएगा।
  • 9 अगस्त, 2018 को विश्व जनजाति कल्याण दिवस के मौके पर सहकारी क्षेत्र से जुडे़ TSP area के सभी लघु एवं सीमांत किसानों के लिए दीर्घ कालीन कृषि ऋण पर 2% अतिरिक्त ब्याज अनुदान देने की घोषणा की गई थी। इसका विस्तार करते हुए सम्पूर्ण प्रदेश में समय पर किश्त चुकाने वाले किसानों को भी 31 मार्च, 2019 तक के भूमि विकास बैंक से संबंधित दीर्घकालीन कृषि ऋण 5.50% की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिए 2% ब्याज अनुदान का वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी।
  • पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित तीज-त्यौहारों, मेलों एवं अन्य आयोजनों के अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा लोक मान्यताओं से जुड़े पारम्परिक मेलों, त्यौहारों और आयोजनों को प्रोत्साहित करने के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा।
  • राज्य के सभी सरकारी आईटीआई में महिलाओं को निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।
  • ढाई लाख बालिकाओं को आत्म रक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगी। इस पर करीब 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

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