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Rajasthan Jan Aadhar Yojana - राजस्थान जन आधार योजना 2019

Rajasthan Jan Aadhar Card Yojana 2019

राजस्थान जन आधार योजना 2019

राजस्थान सरकार आयोजना विभाग जयपुर का आदेश दिनांक  27-11-2019 के तहत मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार द्वारा परिवर्तित बजट 2019-20 में की गई बजट घोषणा (अनुच्छेद संख्या-141) की अनुपालना में “Rajasthan Jan Aadhar Yojana 2019” राजस्थान जन आधार योजना 2019 का क्रियान्वयन किया जाना है,  जिसके तहत सभी विभागों की योजनाओ के लाभ एवं सेवाओं की प्रदायगी सुनिश्चित की जाएगी. (Rajasthan Government Scheme for public.)

''एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान'' Ek Number, Ek Card, Ek Pehchan इस योजना का ध्येय वाकय है.

बजट घोषणा

विभिन्न योजनाओ के लाभ सरलता, सुगमता एवं पारदर्शी रूप से आमजन तक पहुँचाने के उद्देश्य से एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान' की विचारधारा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैं ''राजस्थान जन-आधार योजना Rajasthan Jan Aadhar Yojana'' लाये जाने की घोषणा करता हूँ. इस योजना के क्रियान्वयन के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण का गठन किया जायेगा. ई-मित्र परियोजना को भी इस प्राधिकरण के अधीन लाया जायेगा.

♦ भामाशाह कार्ड और केंद्र की माैजूदा वित्तीय लाभ की योजनाओं को आधार से जोड़ने जैसी प्रक्रिया को समाहित करते हुए राज्य में एक नंबर-एक कार्ड, एक पहचान के रूप में 10 अंकों का जन-आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया राजस्थान  सरकार द्वारा चालू कर दी गयी है ♦ 

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Rajasthan Jan Aadhar Yojana का मुख्य उद्देश्य : 

  • राज्य के निवासी परिवारों की जान-सांख्यिकीय एवं सामाजिक-आर्थिक सूचनाओं का डेटा-बेस तैयार कर प्रत्येक परिवार को “एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान” प्रदान किया जाना, जिसे परिवार एवं उसके सदस्यों की पहचान (Proof of Identity) तथा पते (Proof of Address) दस्तावेज के रूप में मान्यता प्रदान करना है.
  • नकद लाभ प्रत्यक्ष हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से तथा गैर-नकद लाभ आधार/ जन आधार अधिप्रमाणन उपरांत देय.
  • राज्य के निवासियों को जनकल्याण की योजनाओ के लाभ उनके घर के समीप उपलब्ध कराना तथा ई-कॉमर्स और बीमा सुविधाओं का ग्रामीण क्षेत्रो में विस्तार करना.
  • ई -मित्र तंत्र का विनिमयन द्वारा नियंत्रण व् प्रभावी संचालन करना.
  • राज्य में विधमान तकनीकी तथा इलेक्ट्रॉनिक ढाँचे का विस्तार एवं सुदृढीकरण किया जाना.
  • महिला सशक्तिकरण एवं वित्तीय समावेशन को बढ़वा देना.
  • सरकार द्वारा प्रदत जनकल्याण के लाभों की योजनाओ हेतु परिवार / परिवार के सदस्यों की पात्रता का निर्धारण करना.
  • विभिन्न योजनाओ के लाभ प्राप्ति के समय अधिप्रमाणन को लाभार्थी के जीवितता प्रमाण-पत्र के रूप में मान्यता देना.

राजस्थान जन आधार पंजीयन एवं जन -आधार कार्ड

(Rajasthan Jan Adhar Registration and Jan Adhar Card)

  • राज्य के सभी निवासी परिवार, पंजीयन कराने व जन-आधार कार्ड प्राप्त करने हेतु पात्र है.
  • प्रत्येक परिवार को एक 10 अंकीय परिवार पहचान संख्या सहित जन -आधार कार्ड प्रदान किया जायेगा.
  • परिवार द्वारा निर्धारित 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला को परिवार की मुखिया बनाया जायेगा. यदि परिवार में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला नहीं है, तो 21 वर्ष या उससे अधिक आयु का पुरुष मुखिया हो सकता है. यदि परिवार में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला और 21 वर्ष या उससे अधिक आयु का पुरुष भी नहीं हो तो परिवार में अधिकतम आयु का कोई भी सदस्य, परिवार का मुखिया होगा.
  • विभिन्न प्रकार के परिवार कार्डो (यथा राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड इत्यादि) के स्थान पर राज्य के निवासी परिवारों को एकबारीय नि:शुल्क जन-आधार कार्ड उपलब्ध कराया जायेगा, जो बहुउद्देशीय कार्ड होगा | भविष्य में सभी जन-कल्याण की योजनाओ के लाभ/सेवाओं को इस कार्ड के आधार पर हस्तांतरित किया जायेगा.
  • चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा भविष्य में स्वास्थ्य-कार्ड जारी करने की आवश्यकता के मद्देनजर जन-आधार व्यक्तिगत कार्ड भी जारी किया जायेगा.
  • राज्य के पंजीकृत निवासियों द्वारा जन-आधार डेटा रिपोजिटरी में दर्ज सूचनाओं को समय-समय पर आवश्यकतानुसार अधतन कराया जा सकेगा.
  • जन-आधार डेटा  रिपोजिटरी से एकीकृत अन्य योजनाओ के डेटाबेस में लाभार्थी की सुचना में अधतन होने पर जन-आधार डेटा रिपोजिटरी में भी उस निवासी की सूचनाओं में अधतन किया जा सकेगा. (Reverse Seeding) 
  • परिवार के किसी भी सदस्य का आधार नामांकन होने पर उस सदस्य की आधार संख्या को जन-आधार पोर्टल पर परिवार द्वारा दर्ज करवाना आवश्यक होगा.
  • राजस्थान जन-आधार योजना 2019 में पंजीयन एवं कार्ड वितरण की प्रक्रिया परिशिष्ट-1 में वर्णित है.

नकद एवं गैर नकद लाभों की प्रदायगी

  • नकद लाभ पात्रता अनुसार देय सभी पारिवारिक नकद लाभ सीधे परिवार के मुखिया के बैंक कहते में हस्तांतरित किये जायेंगे. व्यक्तिगत नकद लाभ संबंधित लाभार्थी के बैंक खाते में, यदि लाभार्थी का बैंक का खाता नहीं है, तो परिवार के मुखिया के बैंक कहते में हस्तांतरित किये जायेगे.

  • गैर नकद लाभ पात्रता अनुसार देय सभी गैर नकद लाभ परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य तथा व्यक्तिगत गैर नकद लाभ संबंधित लाभार्थी (अवयस्क लाभार्थी की स्थिति में परिवार का मुखिया) स्वयं के आधार अधिप्रमाणन उपरान्त प्राप्त कर सकेगा.

घर के नजदीक लाभ हस्तांतरण हेतु सेवाओं का विस्तार

  • राजस्थान राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुदूर, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रो में सेवाओं को विस्तार किया जायेगा ताकि आम निवासियों को घर के नजदीक योजनाओ के लाभ/ सेवाएं प्राप्त हो सके.

  • राज्य के गैर नकद लाभ की जनकल्याणकारी योजनाओ के लाभ तथा दिन प्रतिदिन की सेवाएं घर के नजदीक प्रदान करने हेतु ई – मित्र केन्द्रो, ई-मित्र प्लस सेल्फ सर्विस कियोस्क, ई -कॉमर्स, बीमा इत्यादि सेवाओं का विस्तार किया जायेगा.

  • नकद लाभ वितरण हेतु बैंकिंग सेवाओं यथा बैंक बी.सी., ए.टी.एम्,  डिजिटल पेमेंट किट इत्यादि का सुदूर क्षेत्रो में भी विस्तार किया जायेगा.

ई-मित्र परियोजना का विस्तार 

  • राजस्थान जन-आधार योजना के नातर्गत ई-मित्र परियोजना का संचालन एवं विस्तार किया जायेगा.
  • राजस्थान जन-आधार योजना के अंतर्गत ई-मित्र के माध्यम से सेवा प्रदायगी में पारदर्शिता लाने और प्रभावी नियंत्रण हेतु विनियम बनाए जायेंगे.

पोर्टल्स (Portals) का एकीकरण करना 

  • परिवार को प्रदान किये जाने वाले विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओ के लाभों से संबंधित Applications को जन-आधार पोर्टल (Jan Adhar Portal) से चरणबद्ध रूप से एकीकृत किया जायेगा.
  • एकीकरण के पश्चात् संबंधित विभागों की ऍप्लिकेशनो द्वारा योजनाओ का लाभ जन-आधार परिवार पहचान संख्या के माध्यम से ही हस्तांतरित किया जायेगा तथा इसका विवरण जन-आधार प्लेटफार्म से साझा किया जायेगा.
  • राज्य में अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है, अतः किसानो के उत्थान हेतु संचालित सभी योजनाओ को प्राथमिकता से राजस्थान जन-आधार पोर्टल से जोड़ा जायेगा ताकि उन्हें प्राप्त होने वाले सभी नकद व् गैर नकद लाभ एवं सेवाएं सीधे व् पारदर्शी रूप से समय पर प्राप्त हो सके.
  • जिन जनकल्याणकारी योजनाओ के डेटाबेस एवं भुगतान का ऑनलाइन प्लेटफार्म वर्तमान में उपलब्ध नहीं है, उन सेवाओं एवं परिलाभों हेतु जन-आधार प्लेटफार्म के माध्यम से लाभ हस्तांतरण सुनिश्चित किया जायेगा.
  • जन -आधार पोर्टल (Jan Adhar Portal)  से एकीकृत किये जाने वाले पोर्टल्स हेतु आवश्तकतानुसार विस्तृत दिशा निर्देश पृथक से जारी किये जायेंगे.

जन कल्याणकारी योजनाओ हेतु लाभार्थियों की पात्रता के निर्धारण का माध्यम 

  • सभी विभागों द्वारा जन-आधार डेटा रिपोजिटरी के माध्यम से ही परिवार की पात्रता निर्धारित कर सेवाएं/ लाभ हस्तांतरित किये जायेंगे.
  • यदि किसी परिवार को अपनी पात्रता/ दर्ज सूचनाओं में किसी भी प्रकार का परिवर्तन अपेक्षित होगा, तो जन-आधार देता रिपजित्री में ही परिवर्तन करवाना होगा, विभागीय योजनाओ में पृथक से अधतन कराने की आवश्यकता नहीं रहेगी.

जीवितता प्रमाण-पत्र के रूप में मान्य 

  • विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे-सामाजिक सुरक्षा आदि के लाभार्थी को वर्ष में संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा निर्धरित अंतराल में जीवित होने का सत्यापन करवाना होता है, ऐसी योजनाओ हेतु यदि लाभार्थी वर्ष में निर्धारित अंतराल में कभी भी जन-आधार द्वारा स्थापित तंत्र के माध्यम से होने वाले अधिप्रमाणन से कोई लाभ/ सेवा अर्जित करता है, जैसे-राशन लेना, आधार/ जन-आधार अधतन कराना इत्यादि तो ऐसे लाभार्थी को जीवित मानते हुए जीवितता प्रमाण-पत्र हेतु पृथक से बायोमेट्रिक सत्यापन की आवश्यतकता नहीं होगी |

राजस्थान जन-आधार योजना के तहत सम्मिलित किये जाने वाले पंजीयन

  • जन-आधार पंजीयन (Jan Adhar Registration)
  • जन्म-मृत्यु पंजीयन (Death-Birth Registration)
  • विवाह पंजीयन (Marriage Registration)
  • आधार पंजीयन (Adhar Registration)

ई-साईन के माध्यम से प्रमाणीकरण 

  • राजस्थान जन-आधार योजना के तहत होने वाले विभिन्न पंजीयन में ई-साईन सेवा का प्रयोग करके प्रमाणीकरण के द्वारा और बेहतर बनाया जायेगा.

वित्तीय समावेशन एवं संस्थागत वित्त

  • राज्य से सभी निवासियों को विशेषकर सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रो में, उनके घर के समीप ही बैंकिंग एवं बीमा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया जायेगा.
  • योजनान्तर्गत वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय तथा राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के सहयोग से राज्य में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया जायेगा.
  • राजस्थान जन-आधार योजना के उद्देश्यों विशेषकर वित्तीय समावेशन की पूर्ति हेतु भारतीय रिजर्व बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थान यथा- नाबार्ड, ग्रामीण बैंक इत्यादि के साथ समन्वय तथा राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के साथ मिलकर बैंको से सम्बंधित राज्य से हित में निर्णय लिए जायेंगे.
  • राज्य में वित्तीय समावेशन के तहत राज्य के एक हजार या उससे अधिक जनसँख्या वाले गाँवो में कम से कम एक बैंकिंग संवाददता (बी.सी.) की उपलब्धता कराई जाएगी, यह बी.सी. खाता खोलना, सावधि जमा लेना, आवर्ती जमा लेना, नकद जमा लेना, नकद निकासी की सुविधा देना इत्यादि कार्य करेंगे. इन बी.सी. को पे-पॉइंट बना कर उनको माइक्रोएटीएम वितरित कर डेबिट/ क्रेडिट/रूपे कार्ड व आधार समर्थ भुगतान की सुविधा दी जाएगी, एटीएम की स्थापना कर नकद निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

पारदर्शिता एवं सामाजिक अंकेक्षण

  • परिवार को समय-समय पर प्रदान किये गए नकद व् गैर नकद लाभों के प्रत्येक लेन-देन की जानकारी जन-आधार पंजीयन में दर्ज मोबाइल नंबर पर प्रेषित की जाएगी.
  • परिवार को पात्रता अनुसार समय-समय पर देय लाभ व् प्रदान किये गए लाभ की जानकारी जन-आधार पोर्टल/मोबाइल ऐप/ई -मित्र केंद्र/ ई-मित्र प्लस सेल्फ सर्विस कियोस्क पर ट्रांजेक्शन मैपर में उल्लेखित होगी, जिसे परिवार का कोई भी सदस्य बायोमैट्रिक/मोबाइल ओ.टी.पी. के माध्यम से सत्यापन उपरांत देख सकेगा.
  • साथ की प्रत्येक ग्राम पंचायत पर ग्राम सभा में तथा शहरी क्षेत्रो में वार्ड समिति के समक्ष समय-समय पर जन-सूचना पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों को हस्तांतरित लाभों का ब्यौरा सामाजिक अंकेक्षण हेतु प्रस्तुत करवाया जायेगा.

प्रशासनिक व्यवस्था

  • राज्य स्तर पर राजस्थान जन -आधार योजना का प्रशासनिक विभाग आयोजना विभाग (Planning Department) होगा तथा निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग बजट नियंत्रण एवं प्रभारी अधिकारी होंगे तथा क्रियान्वयन एजेंसी राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड, जयपुर होगी.

योजना के क्रियान्वयन हेतु स्तर

Click here-Government of Rajasthan Planning Portal

जिला स्तर पर 

जिला कलक्टर

जिला जन-आधार योजना अधिकारी

उप निदेशक (एसीपी), जिला सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार

अतिरिक्त जिला जन-आधार योजना अधिकारी (तकनीकी)

उप / सहायक निदेशक, जिला आर्थिक एवं सांख्यिकी

अतिरिक्त जिला जन-आधार योजना अधिकारी

ब्लॉक स्तर पर

उपखण्ड अधिकारी

उपखण्ड जन -आधार योजना अधिकारी

विकास अधिकारी/ ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी

अतिरिक्त ब्लॉक जन-आधार योजना अधिकारी

प्रोग्रामर

अतिरिक्त ब्लॉक  जन-आधार योजना अधिकारी (तकनीकी)

वित्तीय प्रबंधन

  • योजना का क्रियान्वयन आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के बजट मद में प्रावधित राशि से किया जायेगा.

राजस्थान जन-आधार प्राधिकरण का गठन 

  • योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण, “राजस्थान जन-आधार प्राधिकरण” का गठन किया जायेगा

परिशिष्ट-1

राजस्थान जन-आधार  में पंजीयन एवं कार्ड वितरण

Rajasthan Jan Adhar Yojna Registration and Card Distribution

  • पूर्व पंजीकृत परिवारों के लिए : स्टेट रेजिडेंट डेटा रिपोजिटरी में पूर्व पंजीकृत परिवारों को 10 अंकीय जन-आधार परिवार पहचान संख्या प्रदान की जाएगी| जन-आधार पहचान संख्या को मोबाइल नंबर पर इस.एम्.इस. एवं वॉइस कॉल के माध्यम से प्रेषित किया जायेगा| इसे निकटस्थ ई-मित्र प्लस पर आधार/ परिवार पहचान संख्या देकर प्राप्त किया जा सकेगा |
  • नवीन पंजीकरण वाले परिवारों के लिए : जन-आधार पंजीयन हेतु राज्ये के निवासी परिवार का वयस्क सदस्य जन-आधार पोर्टल पर स्वयं अथवा नजदीकी ई-मित्र पर निःशुल्क पंजीयन करा सकेगा | परिवार द्वारा दर्ज करवाई गई सूचनाओं व् अपलोड किये गए दस्तावेजों आदि के आधार पर सत्यापन उपरांत 10 अंकीय जन-आधार परिवार पहचान संख्या प्रदान की जाएगी तथा उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सूचित कर दी जाएगी |
  • जन -आधार कार्ड वितरण : परिवार को जन-आधार पहचान संख्या जारी होने के उपरांत मुद्रित कार्ड सम्बंधित नगर निकाय/ पंचायत समिति/ ई-मित्र को वितरण हेतु प्रेषित किये जायेंगे| राज्ये सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित प्रक्रिया अनुसार समन्धित नगर निकाय/ पंचायत समिति के द्वारा समन्धित परिवार को एकबारीय निःशुल्क कार्ड वितरित किया जायेगा | नामांकित परिवार जन-आधार ई-कार्ड, जन-आधार पोर्टल अथवा इस.इस.ओ. आई डी के माध्यम से भी निःशुल्क डाउनलोड कर सकता है |
  • संशोधन/ अधतन : जन -आधार पंजीयन में दर्ज सूचनाओं में किसी भी प्रकार का संशोधन/ अधतन ई-मित्र पर करवाया जा सकेगा | संशोधन/ अधतन परिवार के मुखिया/ वयसक सदस्य द्वारा आधार अधिप्रमाणन के माध्यम से कराया जा सकेगा| निवासी चाहे तो अधतन जन-आधार ई-कार्ड, ई -मित्र / ई-मित्र प्लस पर जाकर भी डाउनलोड कर सकता है अथवा निर्धारित शुल्क देकर पी.वी.सी. कार्ड भी प्राप्त कर सकता है |
  • परिवारों/ व्यक्तियों का पंजीयन निरस्त करना : यदि कोई अपात्र परिवार/ व्यक्ति द्वारा छलपूर्ण प्रलेख प्रस्तुत कर जन-आधार पंजीयन करवा लिया है/ कार्ड प्राप्त कर लिया है, तो ऐसे जन-आधार पंजीयन/ कार्ड को स्थायी रूप से नियमानुसार निरस्त किया जा सकेगा.

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