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कोरोना वायरस से मुकाबले में सरकारी कर्मचारी की भूमिका

Role of government employee to fight against coronavirus

(Coronavirus Disease - COVID-19)

चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस (Coronavirus Disease - COVID-19) अब तक 180 से ज्यादा देशों में पहुंच चुका है. इसके संक्रमण से मरने वाले लोगों की तादाद में निरन्तर वृद्धि हो रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने इस महामारी घोषित कर दिया है. भारत समेत दुनिया भर की सरकारें कोरोना वायरस को लेकर लोगों को जागरूक करने पर ध्यान दे रही हैं. जानकारों का कहना है इसके संक्रमण को फैलने से रोककर ही इसे काबू में किया जा सकता है. इसके लक्षणों को पहचानकर ही कोरोना वायरस की बेहतर तरीके से रोकथाम की जा सकती है.

कोरोना को काबू में करना

कोरोना को काबू में करना और इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है. हालांकि, प्रत्येक देश अपने स्तर पर हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. जब-जब भी इस प्रकार की कोई आपदा या महामारी की स्थिति उत्पन्न होती है तो इससे निबटने के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदारी उस देश के सरकारी कार्मिक के कंधे पर होती है. देश का हर नागरिक इस सोच के साथ आत्मविश्वास में रहता है की देश की पूरी मशीनरी उनके साथ हैं जहाँ महत्वपूर्ण भूमिका लिए एक सरकारी अधिकारी या कर्मचारी जो डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ़, पैरा मेडिकल स्टाफ,  सुरक्षाकर्मी, प्रशासन एवं अन्य विभिन्न पदों के रूप में उसे रक्षा के लिए खड़ा दिखाई देता है. और आम नागरिक राहत में महसूस करता है.

हमें धन्यवाद देना होगा हमारे देश की केद्र सरकार और राज्य सरकारों को जिन्होंने इस महामारी की गंभीरता को समय पर समझते हुए, त्वरित और प्रभावी निर्णय जनहित में लिए है. आप देखे विश्व के अनेक सम्पन्न देशों में अदूरदर्शिता के कारण लापरवाही बरती गयी, जिसके कारण सर्वसम्पन्न होते हुए भी उन देशों के नागरिक इस बीमारी का दंश झेल रहे हैं. Coronavirus के वर्तमान संकट के समय जब केंद्र और राज्य सरकारें आम जनता को घर में बैठने की Advirosary जारी कर रही हैं. ऐसे हालात में हमारे देश के जुझारू सरकारी अधिकारी - कर्मचारी साथी कंधे से कन्धा मिलकर सरकार के साथ इस महामारी से निपटने के जुटे हुए है. हमें सैल्यूट करना चाहिए हमारे ऐसे कर्मचारी बन्धुओं को जो संकट की घडी से हर हालत में हमें उबारने के लिए दृढ संकल्पित है. 

हमारे सरकारी तंत्र के अनेक विभागों जैसे चिकित्सा, प्रशासन, सुरक्षा, वित्त आदि के कर्मचारियों की ड्यूटी प्रत्यक्ष रुप रूप से इस महामारी से मुकाबला करने में लगी हुए है और वे दिन-रात एक कर हमें राहत पहुँचाने के मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी अंजाम दे रहे है. इस ड्यूटी के दौरान उन्हें अत्यन्त सावधानी बरतनी पड़ रही है. अनेक सरकारी विभागों के कर्मचारियों को घर बैठकर कार्य करने (Work from Home) हेतु निर्देश दिए गए हैं ऐसे सभी कर्मचारियों को चाहिए की वे अपने परिवार और सावधानीपूर्वक अपने आस पड़ोस के लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करें, सतर्क करें. सरकार द्वारा लॉक डाउन किये जाने के बाद भी अनेक लोग अनावश्यक कॉलोनी के चौराहों तथा बाज़ारों में नज़र आ रहे है जो की कतई नहीं होना चाहिए, क्योकि ये आदमी से आदमी में छूने से फैलती है. आप उन्हें समझाए की जनता ही देश को बचा सकती है घर से बाहर ना निकलकर, बिना एमरजेंसी बिल्कुल बाहर न निकले। अपने मिलने-जुलने वालों को रिश्तेदारों को जरिए मोबाइल समझाइश करें कि कोई भी अपने  घरों से बाहर नहीं आए घरों के अंदर ही रहे क्योंकि यह बीमारी एक दूसरे के छूने से ही लगती है इस बीमारी का अभी तक कोई इलाज संभव नहीं है इसलिए इस बात को सभी को समझाएं.

गौरतलब है कि, सरकार ने  कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों के जीवन की सुरक्षा के लिए प्रदेशभर में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर 22 मार्च से 31 मार्च तक पूरी तरह लॉक डाउन के निर्देश  दिए हैं. इस लॉक डाउन के तहत आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्ति समस्त राजकीय और निजी कार्यालय, मॉल्स, दुकानें, फैक्ट्रियां, सार्वजनिक परिवहन आदि बंद रहेंगे. इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए लोगों का घरों में रहना बेहद जरूरी है. संकट के इस दौर में सरकार प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है. ऐसी स्थिति में सरकारी कर्मचारी एक सरकार के एक सैनिक की तरह कोरोना वायरस को हराने के लिए सरकार के निर्णयों और एडवाइजरी का आमजन द्वारा पूरी तरह पालन कराने हेतु भूमिका निभा रहा है ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर ना हो. जब भी इस प्रकार का कोई संकट देश पर आता है तो आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है एक गरीब और मजदूर आदमी की आजीविका पर संकट आता है साथ ही सरकार को भी यदि एक राजकीय कार्मिक आर्थिक सहायता करे तो इस प्रकार की महामारी से मुकाबला आसान हो जायेगा अतः सरकारी कोष में यथाशक्ति अपना आर्थिक योगदान अवश्य करें.

कोरोना वायरस से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • वायरस शुरू के 2-3 दिन तक गला पकड़ता हैं। ऐसे में गुनगुना पानी, काढ़ा, चाय, सूप पीते हैं तो कुछ हद तक लाभ मिलता है। गुनगुना पानी पीने से गले को राहत मिलती है।
  • इसकी लाइफ कई दिनों की है। लेकिन हवा में तीन घंटे, लकड़ी पर एक दिन और स्टील व प्लास्टिक पर कुछ दिनों तक सक्रिय रह सकता है, सफाई का ध्यान रखें।
  • छोटे बच्चों में भी कोरोना हो रहा है लेकिन उनमें सामान्य सांस की बीमारी जैसे निमोनिया आदि की तरह लक्षण दिख रहे हैं। विशेष सावधानी बरतें।
  • कोरोना वायरसजनित रोग हैं। इनमें एंटीबायोटिक्स या कोई दवा अपने मन से न लें। एंटीबायोटिक्स से लाभ नहीं मिलता है। इसके उलट रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ जाता है। यहां तक कि
  • पैरासिटामॉल या कोई पेन किलर तक न लें। इससे समस्या गंभीर हो सकती है। अतः कोई परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें. 
  • अभी किसी अध्ययन में यह साबित नहीं हुआ है कि तापमान बढऩे (27 डिग्री) पर वायरस मर जाएंगे। कुछ देशों में अधिक तापमान पर भी यह फैल रहा है।
  • ऐसी महिलाएं हाई रिस्क श्रेणी में आती हैं। इनकी इम्युनिटी काफी कम होती है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
  • कोरोना के इलाज में एल्कोहल की कोई भूमिका नहीं है। सोशल मीडिया की बातों की अनदेखी करें। उनमें कोई सत्यता नहीं है। सैनेटाइजर या साबुन से नियमित अन्तराल से हाथों को धोते रहे 
  • घर पर रहे सुरक्षित रहे, ज़िंदगी में पहली बार घर बैठ कर देश बचाने का मौका मिला है
  • इसे हाथ से जाने ना देना, आप स्वयं अपने परिवार के साथ घर पर ही रहे

गृह निरूद्ध (होम क्वारैंटाइन) के दौरान रखी जाने वाली सावधानियाँ

होम क्वैरैंटाइन में रहने वाले को चाहिए कि :

  • यथासंभव ऐसे कमरे में रहे जो हवादार हो एवं उस कमरे में ही अटेच्ड टॉयलेट हो। परिवार के किसी अन्य सदस्य को यदि उसी कमरे में रहना पड़े तो दोनों व्यक्तियों के बीच कम से कम एक मीटर की दूरी बनाये रखे आवश्यक है।
  • वह घर में निवास करने वाले अन्य व्यक्तियों विशेषकर बुजुर्गो, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और सह-रूगणता वाले व्यक्तियों से दूर रहे । आगन्तुको (मित्र, रिश्तेदार आदि) से नहीं मिले।
  • वह अपने घर से बाहर न निकले।
  • किसी भी परिस्थति में किसी भी सामाजिक/ धार्मिक सभा में शामिल न हो।
  • अपने हाथों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह से समय-समय पर रगड़ कर धोयें अथवा एल्कोहल बेस्ड हैंड सेनेटाइजर का उपयोग करे।
  • दैनिक उपयोग में आने वाले घरेलू सामान आपस में साझा न करें, जैसे पानी का गिलास-कप व अन्य बर्तन, तौलिया, बिस्तर, मोबाईल और अन्य आईटम।
  • सर्जिकल मास्क हर समय लगाये रखे। मास्क प्रति 6 से 8 घण्टे के भीतर बदले तथा पुराने मास्क को तत्काल नष्ट करे। पुराने मास्क को दुबारा इस्तेमाल में ना लेवे।
  • रोगियों / रोगियों की देखभाल करने वाले व्यक्तियों एवं अन्य परिवारजनों द्वारा पहने जाने वाले मास्क साधारण ब्लीच सोल्यूशन (5 प्रतिशत) अथवा सोडियम हाईपों क्लोराइट सोल्यूशन (1 प्रतिशत) से विसंक्रमित करने के पश्चात् जला कर या जमीन में गहरा दबा कर नष्ट करने चाहिए।
  • कोरोना वायरस के लक्षण (खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ) दिखाई देने पर तुरन्त नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर सम्पर्क करें।

गृह निरूद्ध (होम क्वैरैंटाइन) में रहने वाले व्यक्ति के परिवार वालों को चाहिए कि :

  • ऐसे व्यक्ति की देखभाल परिवार के किसी जिम्मेदार एक ही व्यक्ति द्वारा की जानी चाहिए।
  • गृह निरूद्ध (होम क्वैरैंटाइन) व्यक्ति द्वारा उपयोग में लिये जा रहे बिस्तर, कपडे़, अन्य दैनिक सामान अथवा त्वचा के सीधे सम्पर्क में आने से बचना चाहिए।
  • कपड़ों अथवा सतह् की सफाई करते समय डिस्पोजेबल दस्तानों का उपयोग करना चाहिए।
  • सावधानी पूर्वक दस्ताने निकालने के पश्चात् साबुन अथवा एल्कोहल बेस्ट हैंड सेनेटाइजर से अच्छी तरह रगड़ कर हाथ धोने चाहिए।
  • आगन्तुको को होम क्वैरैन्टाइन में रहने वाले व्यक्ति से मिलने नहीं देना चाहिए।
  • क्वारेन्टाइन किये व्यक्ति के कमरे को व उसकी सतहों को (बैड, टेबिल आदि को प्रतिदिन) 1 प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराइट सोल्यूशन के साथ कीटानुरहित किया जाना चाहिए।
  • टायलेट एवं उसकी सतहों को कीटानुणरहित करने के लिए नियमित रूप से ब्लीच / फेनोलिक कीटाणुनाशक  से साफ  करना चाहिए।
  • क्वारेन्टाइन किये व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किये गये कपड़ों की सफाई सामान्य डिटरर्जेंट से पृथक-पृथक रूप से करनी चाहिए तथा कपड़े भी अलग से धूप में सुखाने चाहिए।

कोरोनावायरस (COVID-19) सावधानी एवं बचाव

  • कोरोना वायरस के भयावह प्रकोप से जीवन बचाने के लिये हम सभी राज्यय सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी की पूरी तरह से पालना करें।
  • कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा से लौटने के अगले 14 दिनों तक अन्य व्यक्तियों के साथ सम्पर्क नहीं करें।
  • यात्रा पर ना जायें, घर से निकलना भी कम करें। मेलों व भीड़-भाड़ वाले स्थानों, धार्मिक स्थलों, उत्सवों आदि आयोजनों में नहीं जायें.
  • खाँसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण पाये जाने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में सम्पर्क करें।
  • लक्षण वाले यात्री छींकते और खाँसते समय नाक और मुँह ढ़क कर रखें एवं मास्क लगाकर रखें।
  • नियमित रूप से अपने हाथ साबुन-पानी से धोएं एवं स्वच्छता का ध्यान रखें।
  • संक्रमण के लक्षण होने पर अन्य व्यक्तियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • हाथ न मिलाएं - नमस्ते से काम चलाएं।
  • मोबाइल फोन को भी नियमित रूप से सेनेटाइजर से साफ करें।
  • सार्वजनिक स्थलों की रैलिंग आदि को रोगाणुनाशक से नियमित रूप से साफ करें।

 

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