Menu

देशभक्ति नारे

गणतंत्र दिवस 

भारत के संविधान और लोकतंत्र के उत्सव का पर्व है।  साल 1950 को आज ही के दिन हमारा महान संविधान लागू हुआ था। तब से आज तक देश ने लंबा समय तय किया है। गणतंत्र दिवस के दिन को देश के लोग उत्साह से मनाते हैं भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ और 26 जनवरी 1950 को भारत के संविधान को आत्मसात किया गया, जिसके अंतर्गत भारत देश एक लोकतांत्रिक, संप्रभु तथा गणतंत्र देश घोषित किया गया।  26 जनवरी 1950 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के साथ झंडावंदन कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया।  यह ऐतिहासिक क्षणों में गिना जाने वाला समय था। इसके बाद से हर वर्ष इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है हमारा संविधान देश के नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी सरकार चुनने की शक्ति देता है, लेकिन देश की आजादी के इतने साल बाद और संविधान के लागू होने के बावजूद आज भी हम भ्रष्टाचार, अपराध और हिंसा जैसी कई बुराइयों से लड़ रहे हैं। आज जरुरत है हम सभी को एकजुट होकर इन बुराइयों के खिलाफ लड़ने की ताकि हम अपने देश को विकास और उन्नति की तरफ ले जा सकें।

       देशभक्ति से ओत-प्रोत कथन 

  1. ना जियो घर्म के नाम पर,  ना मरों धर्म के नाम पर,
    इंसानियत ही है धर्म वतन का,  बस जियों वतन के नाम।
  2. इंडियन होने पर करिए गर्व,  मिलके मनाएं लोकतंत्र का पर्व,
    देश के दुश्मनों को मिलके हराओघर घर पर तिरंगा लहराओ।
  3. आज सलाम है उन वीरो को जिनके कारण ये दिन आता है,
    वो माँ खुशनसीब होती हैबलिदान जिनके बच्चो का देश के काम आता है
  4. देश भक्तो के बलिदान से स्वतंत्र हुए है हम,
    कोई पूछे कोन हो तो गर्व से कहेंगेभारतीय है हम।
  5. आओ तिरंगा लहरायेआओ तिरंगा फहराये,
    अपना गणतन्त्र दिवस है आयाझूमेनाचेख़ुशी मनाये.
  6. ना पूछो जमाने से किक्या हमारी कहानी है,
    हमारी पहचान तो बस,  इतनी है कि हम सब हिन्दुस्तानी हैं।
  7. ज़माने भर में मिलते हैं आशिक कईमगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,  नोटों में भी लिपट करसोने में सिमटकर मरे हैं शासक कई,  मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता..!!
  8. करता हूँ भारत माता से गुजारिश कि तेरी भक्ति के सिवा कोई बंदगी न मिलेहर जनम मिले हिन्दुस्तान की पावन धरा पर या फिर कभी जिंदगी न मिले..!!
  1.  देश को आजादी के नए अफसानों की जरूरत है,  भगत-आजाद जैसे आजादी के दीवानों की जरूरत है,  भारत को फिर देशभक्त परवानों की जरूरत है
  2. कभी सनम को छोड़ के देख लेनाकभी शहीदों को याद करके देख लेना ! कोई महबूब नहीं है वतन जैसा यारोदेश से कभी इश्क करके देख लेना..!!
  3. ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा, ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा, पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए, कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये….
  1. मैं भारत बरस का हरदम सम्मान करता हूँयहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हुँमुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने कीतिरंगा हो कफ़न मेराबस यही अरमान रखता हूँ.
  1. खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैंमरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैंकरता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालोंतुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है

 

 

Go Back

Comment

.

Loading...

--------------------------- विज्ञापन ---------------------------