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अविका कवच बीमा योजना

योजना राजस्थान के भेड़पालको हेतु

राजस्थान सरकार द्वारा राज्य के भेड़पालको को उनकी भेड़ो का अनुदानित प्रीमियम पर बीमा करवाकर उन्हें आर्थिक रूप से सम्बल प्रदान करने के उद्देश्य से अविका कवच बीमा योजना को प्रारम्भ किया गया. इस योजना के तहत बीमित भेड़ की मृत्यु होने की स्थिति में बीमा धन राशि का पुर्नभरण कराया जाता है ताकि जोखिम की पूर्ति की जाकर राज्य के भेड़पालकों को आर्थिक हानि से बचाया जा सके.

पात्रता

  • योजना अन्तर्गत प्रदेश के ऐसे समस्त भेड़पालक पात्र होंगे जो भामाशाह कार्ड धारक है.
  • बीमित की जाने वाली भेड़ किसी अन्य योजना के अंतर्गत बीमित नहीं होनी चाहिए.
  • योजना में प्रत्येक परिवार की अधिकतम 5 भेड़ यूनिट का बीमा अनुदानित प्रीमियम पर किया जावेगा.
  • भेड़ की एक यूनिट में 10 पशु मानते हुए एक परिवार की कुल 50 भेड़ो का बीमा अनुदानित प्रीमियम पर किया जावेगा.

अनुदान 

एस.सी./एस.टी./बी.पी.एल. श्रेणी के भेड़पालक को 80 प्रतिशत एवं सामान्य श्रेणी के भेड़पालक को 70 प्रतिशत है अनुदान मिलेगा.

अनुदानित बीमा के लिए भेड़ यूनिट की अधिकतम कीमत 50 हजार रूपये होगी

बीमा करवाने की प्रक्रिया

  • भेड़पालक को अपनी भेड़ो का बीमा करवाने हेतु नजदीकी पशुचिकित्सालय में सम्पर्क कर प्रस्ताव पत्र व बीमा स्वीकृति पत्र भरना होगा तथा अपने हिस्से की प्रीमियम राशि कम्पनी प्रतिनिधि/अभिकर्ता को जमा करवानी होगी.
  • बीमित भेड़ की पहचान हेतु भेड़ के टैग लगाने एवं भेड़पालक का भेड़ के साथ फोटो खींचने का कार्य एवं इस पर व्यय होने वाली राशि बीमा कम्पनी द्वारा वहन की जावेगी.
  • भेड़ का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र सरकारी पशु चिकित्सकों द्वारा जारी किया जावेगा.
  • भेड़ का बीमा करवाने के लिए निम्न दस्तावेज आवश्यक होंगे.
  1. बीमा हेतु आवेदन पत्र
  2. भेड़ का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
  3. भेड़ के कान में टैग सहित भेड़पालक का फोटो
  4. भामाशाह कार्ड की प्रति
  5. बी.पी.एल. कार्ड/एस.सी./एस.टी. से सम्बंधित दस्तावेज की प्रति
  6. बैंक का नाम, खाता संख्या एवं आई.एफ.एस.सी. कोड
  7. आधार कार्ड की प्रति (यदि हो)
  8. भेड़पालक के हिस्से की प्रीमियम राशि

बीमा लाभ

  • रोग अथवा दुर्घटना से बीमित भेड़ की मृत्यु पर 100 प्रतिशत बीमा लाभ

बीमित भेड़ की मृत्यु होने पर क्लेम की प्रक्रिया

  • बीमित भेड़ की मृत्यु हो जाने की दशा में भेड़पालक को बीमा कंपनी के अधिकृत कार्यालय/प्रतिनिधि एवं सम्बंधित जिले के संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग अथवा प्रतिनिधि को मोबाइल/दूरभाष एवं ईमेल/मोबाइल पर एस.एम. एस. अथवा व्यक़्तिश भेड़ की मृत्यु होने के सामान्यतः छः घंटे के अन्दर सूचित करना होगा.
  • भेड़ की रात्रि में मृत्यु होने की स्थिति में बीमा कंपनी को दूसरे दिन प्रातः तक सूचित किया जाना आवश्यक होगा, बीमा कम्पनी द्वारा सूचना प्राप्त होने पर सामान्यतः छः घंटे की अवधि में मृत भेड़ का अन्वेषण करवाये जाने हेतु अन्वेषक नियुक्त किया जावेगा, छः घंटे की अवधि में अन्वेषक की नियुक्त नहीं होने की स्थिति में मृत भेड़ का पोस्टमार्टम नजदीकी पशु चिकित्सक अथवा विशेष परिस्थितियों में सम्बंधित जिले के संयुक्त निदेशक द्वारा नामित पशुचिकित्सक से करवाना होगा, मृत भेड़ की भेड़पालक के साथ फोटो ली जानी आवश्यक होगी जिसमे भेड़ के कान में लगा टैग स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो.
  • भेड़ की मृत्यु होने पर राशि का दावा किये जाने हेतु निम्नानुसार कार्य किये जाने है
  1. बीमा कम्पनी को मोबाइल/दूरभाष एवं ईमेल/मोबाइल एस.एम.एस. अथवा व्यक़्तिश सूचित करना
  2. बीमा प्रमाण पत्र/बीमा पालिसी की प्रति बीमा कम्पनी को उपलब्ध कराना
  3. क्लेम फार्म भरकर बीमा कम्पनी को उपलब्ध कराना
  4. भेड़ का मृत्यु प्रमाण-पत्र, मृत भेड़ की भेड़पालक के साथ फोटो जिसमे भेड़ के कान में लगा टैग स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो एवं टैग बीमा कम्पनी को उपलब्ध कराना

स्रोत - Rajasthan Pashudhan Vikas Board, Jaipur.

 

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