Menu

उच्च शिक्षा के लिए लाडो-रानी योजना

July 23, 2016

नागौर जिले में बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए शुक्रवार को जिला प्रशासन द्वारा एक अभूतपूर्व पहल की शुरुआत हो गई। बालिकाओं के लिए जिले में चलाई जा रही लाडो-रानी योजना के तहत ही गरीब और प्रतिभावान छात्राओं की उच्च शिक्षा जारी रखने तथा उच्च शिक्षा के लिए प्रशिक्षण दिलवाने हेतु सोनोग्राफी संचालको के सहयोग से एक नई सकारात्मक पहल का महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिता भदेल ने शुभारम्भ किया। श्रीमती भदेल ने बीकानेर रोड स्थित टाउन हाल में आयोजित एक समारोह में कहा कि रूढ़िवादिता के कारण हमारे समाज में कई बार बेटियों का गर्भ में भ्रूण परीक्षण कर उन्हें जन्म लेने से रोका जाता रहा है। सोनोग्राफी संचालकों द्वारा बेटियों को आगे पढ़ाने की यह सकारात्मक पहल एक सामाजिक बदलाव की निशानी है। जिला कलक्टर श्री राजन विशाल की सोच से उपजी इस पहल की प्रशंसा करते हुए श्रीमती भदेल ने बधाई देते हुए कहा कि केवल एक व्यक्ति की पहल से समाज मे समूचा परिवर्तन लाना मुश्किल है इसलिए समाज के हर व्यक्ति को अपने स्तर पर भी जैसे भी सम्भव हो बेटियों को आगे पढ़ाने में अपना योगदान देना चाहिए।

इस अवसर पर जिला कलक्टर ने सम्बोधन में कहा कि भ्रूण हत्या को रोकने के लिए बनाए गए अधिनियम और कानून अपना काम करेंगे परन्तु जब तक आम आदमी को आगे आकर बालिकाओं के जन्म से जुड़ी समाज की पुरानी मानसिकता को सकारात्मक सोच में बदलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आमजन के योगदान से ही समाज में बदलाव आ सकता है। समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री जिला कलक्टर, जायल विधायक श्रीमती मंजू बाघमार तथा इंडियन रेडक्रास सोसायटी नागौर के चेयरमैन रामप्रकाश मिर्धा ने प्रतिभा के आधार पर चयनित जिले की 15 गरीब मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा तथा उच्च शिक्षा प्रशिक्षण हेतु शुल्क के लिए चेक वितरित किए। इसके साथ ही इस योजना के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करने वाले सोनोग्राफी केंद्र संचालकों एवं भामाशाहों को सम्मानित किया गया। राज्य स्तरीय मेरिट में कक्षा 10 में नौवें स्थान पर रहने वाली छात्रा मनीषा चैधरी, 15वें स्थान पर रहने वाली छात्रा दीपिका राठौड तथा कक्षा 12 में चैथे स्थान पर आने वाली मेघना अग्रवाल को भी 5100-5100 रुपए के चेक व प्रशस्ति पत्रा देकर सम्मानित किया गया। समारोह में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने तथा बाल लिंगानुपात को संतुलित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर लगाए जाने वाले लाडो-रानी डिजीटल डिस्प्ले बोर्ड का भी अनावरण किया गया। इसके अतिरिक्त श्रीमती भदेल ने बालिकाओं के लिए सैनेटरी नैपकीन वेंडिंग मशीन का लोकार्पण भी किया।

यह है लाडो-रानी योजना की नई पहल

इस पहल के अनुसार जिले की ऐसी गरीब व प्रतिभावान छात्राओं का चयन किया जाएगा जो प्रतिकूल आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपनी उच्च शिक्षा आगे जारी रखने में अक्षम हैं। जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय समिति के माध्यम से इन छात्राओं का चयन कर उनकी उच्च शिक्षा या उच्च शिक्षा के लिए प्रशिक्षण को निःशुल्क जारी रखा जाएगा। सोनोग्राफी सेंटर एक फण्ड में आर्थिक सहयोग जमा कराएंगे जिसमें से इंडियन रेडक्राॅस सोसायटी के माध्यम से शिक्षण या प्रशिक्षण संस्थान को भुगतान किया जाएगा। जिला प्रशासन बेटियों की शिक्षा व प्रशिक्षण पर निगरानी के लिए संरक्षक भी नियुक्त करेगा। प्रारम्भिक स्तर पर इस योजना से प्रतिवर्ष लगभग 50 बेटियों को लाभान्वित करने की योजना है।

Go Back

Comment


--------------------------- विज्ञापन ---------------------------

--------------------------- विज्ञापन ---------------------------