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शिक्षा विभाग में 23 हजार पदों पर भर्तियां

2016-06-03

शिक्षा विभाग में इस माह विभिन्न पदों पर 23,780 पदों पर भर्तियां शुरू होंगी। इनमें 15 हजार पद तृतीय श्रेणी शिक्षक और 6468 पद द्वितीय श्रेणी शिक्षकों के भी हैं। इसके अलावा 1750 पदों पर प्रयोगशाला सहायक और 562 पदों पर लाइब्रेरियन की भर्तियां होंगी। विभाग ने वित्त विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद इन पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थना भेजने की औपचारिकता भी पूरी कर ली है। द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग को अभ्यर्थना भेजी गई है, जबकि लाइब्रेरियन और प्रयोगशाला सहायक भर्ती के लिए राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड को अभ्यर्थना भेजी है। अब कभी भी इन पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के लिए प्रारंभिक शिक्षा विभाग प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए कार्मिक विभाग से टीएसपी एरिया में आरक्षण को लेकर मार्गदर्शन मांगा गया है। माना जा रहा है कि 15 जून के आसपास इस भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी का कहना है कि शिक्षा विभाग में व्यवस्था सुधारने के लिए वर्षों से खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इन पदों पर भर्ती के लिए आगामी दिनों में प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इससे न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि सरकारी स्कूलों के परिणाम में और अधिक सुधार आएगा। इस साल 12वीं के परिणाम में भी सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों से आगे रहे हैं। लाइब्रेरियन और प्रयोगशाला सहायक के पदों पर तो 23 साल बाद भर्ती की जा रही है।
 

द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती :

विभाग को दो सालों में सेकंड ग्रेड के 12935 पदों पर भर्ती करनी है। इस सत्र में 6468 पदों पर भर्ती होगी। शेष अगले सत्र में होगी। इस सत्र में होने वाली भर्ती में हिंदी के 1269, अंग्रेजी के 626, गणित के 442, विज्ञान के 248, सामाजिक विज्ञान के 1531, संस्कृत के 2295, उर्दू के 39 और पंजाबी के 18 पदों पर भर्ती होगी।

अगले महीने स्कूल व्याख्याताओं की भर्ती परीक्षा
शिक्षा विभाग को इस सत्र में 13098 स्कूल व्याख्याता भी मिलेंगे। इसके लिए आरपीएससी ने आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब भर्ती परीक्षा की तैयारी कर ली है। भर्ती परीक्षा जुलाई में होगी।

पीटीअाई भर्ती-2013 का रास्ता खुला
हाईकोर्ट ने पीटीआई भर्ती-2013 की भर्तियों का रास्ता साफ करते हुए एकलपीठ के उस निर्णय को गलत मानते हुए रद्द कर दिया, जिसमें 2012 में भर्ती नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों को आयु सीमा में एक साल की छूट दी थी।
इसके अलावा बीपीई योग्यताधारकों को योग्य नहीं मानने के आदेश को सही करार दिया है। साथ ही इस मामले में एकलपीठ के भरतपुर व धौलपुर के जाटों को आरक्षण नहीं देने और शैक्षणिक योग्यता के समय जिन अभ्यर्थियों के पास खेल प्रमाण-पत्र नहीं था उन्हें भर्ती के लिए योग्य मानने को भी सही माना है। न्यायाधीश अजय रस्तोगी व डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह आदेश गुरुवार को गणेश नारायण माली व राज्य सरकार की अपील पर दिया। अदालत ने राज्य सरकार को कहा कि वह 18 सितंबर 2013 के विज्ञापन के अनुसार चयन प्रक्रिया को पूरा करते हुए नियुक्ति दे। अपीलों में राज्य सरकार ने एकलपीठ के 7 जनवरी 2016 के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें बीपीई योग्यताधारकों को योग्य नहीं माना था और शैक्षणिक योग्यता के समय जिन अभ्यर्थियों के पास खेल प्रमाण पत्र नहीं था उन्हें भर्ती के लिए योग्य माना था। इसके अलावा आयु सीमा में अभ्यर्थियों को छूट देने और भरतपुर व धौलपुर के जाटों को आरक्षण नहीं देने, बीपीई योग्यताधारकों को योग्य माने जाने को भी चुनौती दी थी।
यह है मामला: आरपीएससी ने 18 सितंबर 2013 को पीटीआई के सैकंड व थर्ड ग्रेड के 1041 व 2858 पदों के लिए आवेदन मांगे। एनसीटीई के नियमानुसार भर्ती में खेल प्रमाण पत्र धारकों को ही शामिल किया जा सकता था। लेकिन आरपीएससी ने 6 अक्टूबर 2015 को परिणाम जारी किया। इसमें उन अभ्यर्थियों को भी शामिल किया जिनके पास खेल प्रमाण पत्र नहीं था और न ही वे बीपीएड ही थे। जबकि सैकंडरी शिक्षा निदेशक ने 4 फरवरी 2014 को आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया था कि जिन अभ्यर्थियों के पास केवल बीपीई है

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