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केंद्र सरकार के कर्मचारियों की लम्बित मांगों के सम्बन्ध में

2016-06-21

आदरणीय प्रधानमंत्री जी,

विषय –केंद्र सरकार के कर्मचारियों की लम्बित मांगों के सम्बन्ध में

महोदय,
अत्यन्त खेद के साथ आपको सूचित करना पड रहा है कि, केंद्र सरकार के कर्मचारियों की लम्बित मांगों के सम्बन्ध में लम्बे अर्से से कोई भी निर्णायकसुनवाई नही हो पा रही है जिसके कारण मजबूर होकर उन्हें 11 जुलाई 2016 से अनिश्चतकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लेना पड़ा है /

प्रिय महोदय, केंद्र सरकार के 32 लाख कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से बहुत निराशा हुई है और वे संस्तुत न्यूनतम वेतन को लेकरसबसे ज्यादा गुरसे में है / हमने इस सम्बन्ध में आपको पहले भी ज्ञापन दिया है तथा हमने,आप द्वारा कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित “इम्पावरडकमेटी” (अधिकार प्राप्त समिति ) को भी ज्ञापन देकर हमने प्रत्येक विषय को उठाने का काम किया है / कैबिनेट सचिव के स्तर पर पूरी सौहार्दपूर्ण मीटिंगों केबावजूद भी अभी तक इन मांगों के ऊपर कोई फैसला नही हो पाया है /

प्रिय महोदय, नई पेंशन नीति, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक अभिशाप है / उन्हें भविष्य में पेंशन मिलेगी या नही, इसकी कोई गारंटी नही है, उन्हेंपारिवारिक पेंशन एवं ग्रेच्युटी की भी सुविधा नही है / इस विषय को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों में काफी आकोश है / इन 11 लाख कर्मचारियों  में 5 लाख कर्मचारी रेलवे के हैं, जिनमें ज्यादातर सेफटी कोटि के हैं और उन्हे ‘तनाव रहित’ काम के माहौल की सख्त आवश्यकता है /

आशा है , आप उनके इस तनाव को दूर करने का हर संभव प्रयास अवश्य करेंगें /

महोदय, इस पत्र के साथ हम अपना मांगपत्र, इस आशय के साथ भेज  रहें  है  कि  आप कृपा करके  इन मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए, इनका अतिशीघ्र निदान कराने की कृपा करेंगें /
भवदीय
(शिव गोपाल मिश्र)

श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जी
माननीय प्रधानमंत्री
भारत सरकार
नई दिल्ली

मांग पत्र

  1. सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों पर ऊपर दिनांक 10 दिसम्बर 2015 के पत्र के माध्यम से एनजेसीए द्वारा कैबिनेट सचिव को भेजे गये मुददों कासमाधान किया जाय /
  2. रेलवे तथा रक्षा विभाग में कार्यरत तकनीकी / सुरक्षा कोटि के कर्मचारी तथा भारत सरकार के अन्य विभागों में कार्यरत अन्य कोटि के कर्मचारियों के साथसातवे वेतन आयोग द्वारा पे स्केल निर्धारण में किये गये अन्याय को समाप्त किया जाय /
  3. “PFRDA Act” तथा नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त किया जाय तथा सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को “सीसीएस (पेंशन) अधिनियम 1972” तथा“रेलवे पेंशन अधिनियम 1993” के अंतर्गत पेंशन / पारिवारिक पेंशन दिया जाय /
  4.  
    1. सरकारी कार्यो में निजीकरण, आउटसोर्सिंग, तथा ठेकेदारीकरण नही किया जाय /
    2. ग्रामीण डाक सेवकों को सरकारी कर्मचारी मानते हुए उन्हें पेंशन व अन्य भत्तों का अनुपातिक लाभ दिया जाय /
  5. भारतीय रेलवे एवं रक्षा विभाग में एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) बन्द हों तथा रक्षा उत्पादन इकाईयों एवं  डाक विभागों के निगमीकरण पर रोक लगे /
  6. सभी सरकारी विभागो में रिक्त पडे सभी पदों को तत्काल भरा जाय, नये पदों के श्रृजन पर से लगी रोक को हटाई जाय तथा नैमतिक / ठेकेदार के कर्मचारियोंको नियमित किया जाय /
  7. सरकारी विभगों में अनुकपा के आधार पर नियुक्ति के मामले में लगाये गये प्रतिबंध को तुरन्त हटाया जाय/
  8. “बोनस एक्ट 1965” में किये गये संशोधन के अनुरूप बोनस के भुगतान की गणना के लिए मासिक वेतन को बढाया जाय, तदनुसार बोनस / आधारितबोनस इत्यादि का भुगतान वित्तिय वर्ष 2014-15 से सुनिश्चित किया जाय /
  9. प्रत्येक कर्मचारी के सेवा काल में कम से कम पाँच पदोन्नतियाँ सुनिश्चित किया जाय /
  10. श्रम कानूनों में श्रम सुधार के नाम पर वर्तमान में श्रमिकों को प्रदत लाभ से वंचित न किया जाय /
  11. संयुक्त परामर्श तंत्र को हर स्तर पर तत्काल सकिय बनाया जाय /

मांग – पत्र – रेलवे

  1. सातवें वेतन आयोग द्वारा न्यूनतम वेतन रु. 18000 तथा सभी कोटियों के कर्मचारियों के लिए मल्टीप्लाइंग फैक्टर में अपेक्षित सुधार हों एवं अन्य कर्मचारीविरोधी सिफारिशें रद्द की जाय /
  2. राष्ट्रीय पेंशन योजना(एनपीएस) को रद्द कर दिनांक 01.01.2004 एवं बाद में नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी गारेन्टेड पेंशन योजना बहाल की जाय /
  3. एआईआरएफ के मांगपत्रों में सम्मिलित जायज मांगों जो कि रेल मंत्रालय और भारत सरकार को दिनांक 12.12.2013, 28.01.2014, 03.07.2014, 07.07.2014, 11.09.2015 और 12.12.2015 को दिये गये थे जिनमे प्रमुख रूप से काम के घण्टों में कमी, छठे वेतन आयोग की विसंगतियों कानिवारण, नये कार्यो के लिए नये पदों का श्रृजन, 15 प्रतिशत ग्रुप ‘सी’ पदों को ग्रुप ‘बी’ में अपग्रेड करना, बोनस की सीलिंग राशि सीमा को बढ़ाना, चिकित्सासुविधाओं एवं रेलवे आवासों तथा रेलवे अस्पतालों की हालत में सुधार करना, डाक्टरों, नर्सों, तथा पैरा-मेडीकल स्टाफ की रिक्तियों को भरना, रोड साइडस्टेशनों और गेंगहटस में तैनात स्टाफ को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्धकराना, रेलवे में अर्द्धप्रशासकीय कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को रेलवे मेंसमाहित करना, एक्ट अप्रेन्टिसेज कार्स पूरा कर चुके प्रशिक्षुओं से खाली पडे पदों को भरना आदि आदि मांगों का समाधान करना /
  4. बिबेक देवरॉय कमेटी की रिपोर्ट को रद्द किया जाय तथा डी.पी.त्रिपाठी कमेटी रिपोर्ट की कर्मचारी हितैषी सिफारिशों को शीघ्र लागू किया जाय /
  5. भारत सरकार द्वारा भारतीय रेलों पर निर्माण, परिचालन एवं रखरखाव हेतु दिनांक 22 अगस्त 2014 को जारी की गई 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेशकी स्वीकृति से संबंधित अधिसूचना को वापस लिया जाय तथा विदेशी एवं भारतीय कम्पनियों के साथ इस आशय के समझौतों को रेलवे तथा बहुत राष्ट्रहितमें रद्द किया जाय /
  6. तकनीकी कर्मचारियों तथा इंजीनियर्स (टेक्निकल सुपरवाइजर्स), लोको तथा ट्रैफिक रनिंग स्टाफ, आपरेटिंग तथा मेडिकल कोटि के कर्मचारियों आदि केलिए आबंटित पे मैट्रिक्स एवं प्रोन्नति के अवसरों में हुए अन्याय को तत्काल दूर किया जाय /
  7. वर्ष 2014-15 के   लिए उत्पादकता आधारित बोनस (पी.एल.बी)  के भुगतान  के लिए मासिक वेतन की  सीमा  दिनांक 01.04.2014 से रूपये 7000प्रतिमाह की जाय, जैसा वर्ष 2008में किया गया था जब बोनस की गणना की सीमा राशि रूपये 2500 से रूपये 3500 किया गया था /

 

Source: National Council, Staff Side JCM

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