Menu

आयकर रि‍टर्न दाखि‍ल करते समय बरते सावधानी

कर रिटर्न फाइल करने में कई बार टैक्सपेयर्स छोटी-बड़ी गलती कर देते हैं जिससे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उनको नोटिस भेज देता है। अगर इन गलतियों को रिटर्न फाइल करते वक्त न किया जाए तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस आने के चांस कम हो जाएंगे।  आईटी डिपार्टमेंट अब टैक्स रिकॉर्ड को काफी बारीकी से चेक करने लगा। डिपार्टमेंट के सिस्टम में कई बार गलतियां दिखती हैं जिनमें कुछ तो केल्कुलेशन की वजह से और कुछ सीरियस नेचर की होती हैं जिन पर डिपार्टमेंट 300 फीसदी की पेनल्टी लगा सकता है। इस पेनल्टी से बचने के लिए टैक्सपेयर्स को नीचे बताई जा रही इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

इंटरेस्ट से मिली इनकम के बारे में जानकारी नहीं देना

टैक्सपेयर्स कई बार एफडी, आरडी, टैक्स सेविंग डिपॉजिट स्कीम, सेविंग अकाउंट डिपॉजिट इन्फ्रास्ट्रकचर बांड पर मिलने वाले इंटरेस्ट को रिटर्न फाइल करते वक्त नहीं भरते हैं। टैक्सपेयर्स को लगता है कि इनके इंटरेस्ट पर किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं लगता है और रिटर्न में इनके बारे में जानकारी देना जरूरी नहीं है। सेक्शन 80टीटीए के अनुसार, केवल सेविंग अकाउंट पर 10 हजार रुपए तक के इंटरेस्ट पर टैक्स नहीं लगता है।  हाई इनकम वाले टैक्सपेयर्स एफडी पर 10 फीसदी टीडीएस डिडक्ट होने की जानकारी भरते हैं लेकिन ऐसा करना सही नहीं होता है। ऐसे टैक्सपेयर्स को एफडी पर जितना टीडीएस काटा गया है, उसके बारे में पूरी जानकारी देनी चाहिए।

एक बैंक की कई ब्रांच में नहीं होने चाहिए एफडी अकाउंट

कई बार टैक्सपेयर्स एक ही बैंक की कई ब्रांचों में अलग-अलग एफडी अकाउंट खोल लेते हैं। उनको लगता है कि इससे टीडीएस नहीं कटेगा। लेकिन ऐसा नहीं होता है, क्योंकि आईटी डिपॉर्टमेंट के पास आपके सभी तरह के अकाउंट्स की जानकारी पहले से ही होती है। अगर आपने अपने सभी टीडीएस अकाउंट पर मिले इंटरेस्ट के बारे में जानकारी नहीं दी है तो इस पर पेनल्टी लग सकती है। इसलिए रिटर्न फाइल करने से पहले टैक्सपेयर को अपना फॉर्म 26 एएस जरूर देखना चाहिए।

पिछली कंपनी/कार्यालय से मिली सैलरी की जानकारी

आपने पिछले वित्त वर्ष में जॉब बदली है लेकिन वहां मिल रही सैलरी के बारे में रिटर्न में कोई जानकारी नहीं भरी है तो भी आपको आईटी डिपॉर्टमेंट नोटिस भेज सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि न तो आपने सैलरी के बारे में जानकारी दी है और न ही टीडीएस के बारे में बताया है। यह याद रखिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास आपके हर अकाउंट में होने वाले ट्रांजैक्शन के बारे में पूरी जानकारी होती है। इसलिए आप पुरानी कंपनी/कार्यालय से मिली सैलरी के बारे में भी जरूर बताएं।

5 लाख रुपए से नीचे वालों को भी भरना होता है रिटर्न

एक साल में पांच लाख से नीचे वाली इनकम वालों को दिमाग में अक्सर यह बात बैठी होती है कि वो टैक्स स्लैब में नहीं आते हैं, इसलिए उनको रिटर्न फाइल करने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं है। इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट ने अपने इस नियम को वापस ले लिया है। अब पांच लाख रूपए से नीचे की इनकम वालों को भी रिटर्न फाइल करना होता है, अगर उसकी सैलरी 2.50 लाख रुपए से ज्यादा है। 60 साल से कम उम्र वालों को 2.50 लाख रुपए की छूट मिलती है, 60 साल से 80 साल वालों को 3 लाख रुपए और 80 साल से ऊपर की उम्र वालों को 5 लाख रुपए की छूट मिलती है।

फॉर्म 15 जी या 15 एच के दुरूपयोग पर हो सकती है सजा

फॉर्म 15 जी और एच एक तरह का डिक्लेरेशन फॉर्म होता है जो कि टैक्स छूट से कम इनकम वालों को भरकर के देना होता है। फॉर्म 15 जी 60 साल से नीचे उम्र वाले लोगों को भरना होता है, जिनकी सैलरी टैक्स छूट के बराबर होती है। फॉर्म 15 एच सीनियर सिटीजन को भरना होता है। अगर आपने इस फॉर्म का गलत तरीके से प्रयोग किया या कोई ऐसी जानकारी दी जो चेक करने के दौरान गलत पाई गई तो आपको जेल भी हो सकती है।

50 लाख की प्रॉपर्टी पर टीडीएस जमा नहीं करने पर

अगर आपने पिछले वित्त वर्ष में 50 लाख रुपए या उससे ज्यादा की रेजिडेंश्यिल प्रॉपर्टी खरीदी है और उस पर एक फीसदी टीडीएस एक हफ्ते के अंदर जमा नहीं किया तो आपको नोटिस भेजा जाएगा और एक लाख रुपए का जुर्माना लगेगा। एनआरआई द्वारा ऐसी प्रॉपर्टी खरीदने पर 30 फीसदी टीडीएस देना होगा। इसके अलावा अगर आपका फॉरेन में किसी बैंक में अकाउंट है या कोई प्रॉपर्टी खरीदी है तो उसकी जानकारी छुपाने पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगेगा।

Click below for more information :

Income Tax Department

Go Back

In less than a year, those who have less than five lakh income are often sitting in the mind that they do not come in the tax slab, therefore there is no need to file returns. but it's not like that. The Income Tax Department has withdrawn its rule. Now the income below Rs 5 lakh has to be filed, if his salary is more than 2.50 lakh rupees. Those under age 60 get a discount of 2.50 lakh rupees, those who get 80 years old from 60 years and 80 years old get a discount of Rs 5 lakhs.

Reply

Sir, please provided salary statement form at your website.

Reply

marval site for RAJSEVAKS. thanx for all formats , guidlines process etc.

Reply

Mobile no- 9782550590
सर, वर्ष 2015-16 का एरियर लगभग 50000 जो वर्ष 2016-17 मे मिला है जिसके कारण मैं टैक्‍स स्‍लेब में आ रहा हूा क्‍या मुझे टैक्‍स भरना पडेगा ा अगर यह एरिया मुझे 2015-16 में ही मिल जाता तो भी में 2015-16 मे टैक्‍स के लिए इनटाइटल नहीं होता
मै 2015-16 एवं 2016-17 का जीए-55 आपको E-mail कर रहा हॅॅ Please Do needful. Thnx sir

Reply


Comment

.

Loading...

--------------------------- विज्ञापन ---------------------------